युवा जल संरक्षण समिति (रजि०)

पंजीकरण संख्या : GHA/00781/2019-2020

युवा जल संरक्षण समिति (रजि०) ऐसे शिक्षित युवाओं का समूह है जिसने अपने क्षेत्र में गिरते भू जल स्तर की कमी से जूझते हुए लोगों को देख कर न सिर्फ भू जल संरक्षण की प्रतिज्ञा ली है बल्कि हरहाल में लोगों को जल के संरक्षण के प्रति जागरूक करने, जल का अनावश्यक दोहन न करने व भविष्य में जल संकट के कारण आने वाली चुनौतियां से लोगो को अवगत कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। युवा जल संरक्षण समिति शहर की एक_एक गली में घूम लोगों को जल के महत्व के प्रति जागरूक करने का काम कर रही है। समिति के युवा अब तक विभिन्न कॉलोनियों में जाकर भू जल का अनावश्यक दोहन करने वाले हजारों लोगों को जल के महत्व के प्रति जागरूक कर चुके हैं Read more...


बढ़ता जल संकट

आज लोगों को एक-एक घड़े शुद्ध पेयजल के लिये मीलों भटकना पड़ रहा है। जल के टैंकर और ट्रेन से जल प्राप्त करने के लिये घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। रोजमर्रा के कामकाज नहाने, कपड़े धोने, खाना बनाने, बर्तन साफ करने, उद्योग धंधा चलाने के लिये तो जल चाहिए वह कहाँ से लाए जबकि नदी, तालाब, ट्यूबवैल, हैण्डपम्प एवं कुएँ बावड़ियाँ सूख गए हैं।

जिम्मेदार कौन?

जल संकट तो हमारी भूलों और लापरवाहियों से ही उपजा है। हम अनावश्यक रूप से तथा अधिक मात्रा में जल का दोहन कर रहे हैं। दैनिक उपयोग में आवश्यकता से अधिक मात्रा में जल का अपव्यय करने की आदत ने जल संकट बढ़ा दिया है। बढ़ती जनसंख्या के कारण भी जल का उपभोग बढ़ता जा रहा है। खेती एवं उद्योगों में अधिक उत्पाद लेने की खातिर जल का उपभोग बढ़ा दिया है।

जन भागीदारी से जल संरक्षण

गाँव-गाँव और शहर-शहर में बने हुए जलस्रोतों का पुनरुद्धार किया जाना आवश्यक है। मोहल्ले, गाँव, शहर जहाँ भी ऐसे स्रोत हैं वहाँ के लोग मिलकर इन जलस्रोतों की जिम्मेदारियाँ अपने ऊपर लें। मिलकर इनमें जमा कूड़े-कचरे, मिट्टी, कंकड़, झाड़-झंखर को हटाएँ। जलस्रोतों के रखरखाव में अपनी व दूसरे लोगों की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।

क्या आप जानते है ?

  • यदि किसी पानी के नल से 1 सेकंड में 1 बूंद पानी गिर जाता है तो एक साल में 11000 ली. पानी बर्बाद हो जायेगा।
  • इस दुनिया का 90% पानी बर्फ से जमा हुआ है और सिर्फ 1% पानी ही पीने योग्य है।
  • इस दुनिया में हर साल 34 लाख लोग गंदे पानी पीने और इस्तेमाल करने की वजह से मर जाते है।
  • एक बार टायलेट फ्लश करने से 6 लीटर पानी खराब होता हैं।
  • अगर किसी टूंटी से 1 सैकेंड में 1 बूंद गिर रही हैं तो एक साल में 11,000 लीटर से ज्यादा पानी बर्बाद हो जाएगा।
  • अफ्रिका के लोग 6KM पैदल चलकर पानी लाते हैं।
  • स्वीमिंग पुल में नहाने के मजे तो बहुत है लेकिन स्वीमिंग पुल से हर महीने 3,700 लीटर पानी भाप बनकर उड़ जाता है।
ACTIVE MEMBERS
EVENT ORGANIZED
CITIES
MADE PEOPLE AWARE
DONORS

आपका छोटा सा प्रयास, भविष्य की पीढ़ी को जल संकट से बचा सकता है

आज लोगों को एक-एक घड़े शुद्ध पेयजल के लिये मीलों भटकना पड़ रहा है। जल के टैंकर और ट्रेन से जल प्राप्त करने के लिये घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। रोजमर्रा के कामकाज नहाने, कपड़े धोने, खाना बनाने, बर्तन साफ करने, उद्योग धंधा चलाने के लिये तो जल चाहिए वह कहाँ से लाए जबकि नदी, तालाब, ट्यूबवैल, हैण्डपम्प एवं कुएँ बावड़ियाँ सूख गए हैं।

पानी है इस धरती का सबसे अमूल्य, इसे बचाने में हम सबका सहयोग हो बहुमूल्य

अगर आप हम से सहमत है और भविष्य में होने वाली जल त्रासदी से स्वयं को एवं नवीन पीढ़ी को बचाना चाहते है ? तो आप भी हमारे साथ आ सकते हैं और राष्ट्रहित में अपना योगदान दे सकतें हैं।

अगर आपको कहीं पानी की बर्बादी दिखती है, तो आप हमसे शिकायत कर सकते हैं। पानी की बर्बादी रोकने के लिए हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे। साथ ही यदि आप समिति के किसी कार्यों से असंतुष्ट है तो भी अपने सुझाव हमें भेज सकते है

समिति प्राय भिन्न-भिन्न स्थानों जल संरक्षण के उपायों के लिए जागरूकता अभियान चलाती है, जिसमें समिति के लिए धन की भी नितांत आवश्यकता होती है, यदि आप चाहें तो स्वैच्छा से दान दे सकते हैं।